उनके ही शब्दों में · धैर्य
“अगर आपका स्वभाव कुछ-न-कुछ करते रहने का है, तो सतर्क इंतज़ार तकलीफ़देह लगता है। ख़ुशक़िस्मती से, मैं ज़िंदगी में हद से ज़्यादा कुछ-न-कुछ करते रहने में यक़ीन नहीं रखता।”
— चार्ली मंगर · वेस्को फाइनेंशियल की वार्षिक बैठक, 2003 (पासाडेना) · 2003
वेस्को फाइनेंशियल की वार्षिक बैठक, 2003 (पासाडेना) · 2003 से स्मृति के आधार पर — भाव सही है, पर शब्द हूबहू नहीं हैं।
लगभग ये ही शब्द, आउटस्टैंडिंग इन्वेस्टर डाइजेस्ट द्वारा प्रकाशित 2003 के वेस्को प्रश्नोत्तर सत्र के अंशों से।