उनके ही शब्दों में · स्वभाव
“ईर्ष्या, द्वेष, बदले की भावना और आत्म-दया — ये सोचने के विनाशकारी तरीके हैं। आत्म-दया तो पैरानोइया के काफ़ी क़रीब पहुँच जाती है, और पैरानोइया को पलटना सबसे कठिन कामों में से एक है। आप नहीं चाहेंगे कि बहते-बहते आत्म-दया में जा पहुँचें।”
— चार्ली मंगर · 2007 यूएससी लॉ स्कूल दीक्षांत भाषण · 2007
सत्यापित। स्रोत: 2007 यूएससी लॉ स्कूल दीक्षांत भाषण · 2007।