उनके ही शब्दों में · इनवर्ज़न
“मैं बस इतना जानना चाहता हूँ कि मैं कहाँ मरूँगा, ताकि मैं वहाँ कभी जाऊँ ही नहीं।”
— चार्ली मंगर · Poor Charlie's Almanack
सत्यापित। स्रोत: Poor Charlie's Almanack।
उलटाव को कहने का मंगर का एक पसंदीदा तरीक़ा; वे अक्सर इसे कहीं से उधार ली हुई देहाती कहावत के रूप में पेश करते थे। यही पीटर बेवेलिन की 2016 की किताब का शीर्षक बना।